Wednesday, November 27, 2019

गूगल असिस्टेंट हुआ और भी स्मार्ट – जोड़े गए ये नए फीचर्स 2020

गूगल असिस्टेंट हुआ और भी स्मार्ट – जोड़े गए ये नए फीचर्स 2020
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गूगल ने मंगलवार को घोषणा की कि लोगों को जल्द ही “गूगल असिस्टेंस” से बात करने के लिए संगीतकार जॉन लीजेंड सहित 6 आवाज़ों में से एक आवाज चुनने का विकल्प मौजूद होगा। वार्षिक डेवलपर सम्मेलन Google I / O में, कंपनी ने कहा कि इन छह विकल्पों में, जिसमें पुरुष और महिला दोनों की आवाज़ें हैं, इस वर्ष के अंत में शुरू हो जाएंगी। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचई ने कहा कि गूगल अपने वॉयस असिस्टेंस में प्राकृतिक आवाज जोड़ने पर काम कर रहा है जो इंसानों की तरह ही बातचीत कर सकेंगे। इन सुधारों में बातचीत के दौरान प्राकृतिक विराम लगाना प्रमुख है जिसके जरिए ऐसा प्रतीत होगा की आप इंसानों से ही बात कर रहे हैं।
‘वेवनेट’ तकनीक पर करेगा काम: गूगल असिस्टेंस का यह नया संस्करण वेवनेट नामक तकनीकी मशीन लर्निंग टेक्नोलॉजी पर बनाया गया है जिसे कंपनी ने 18 महीने पहले डेवलप करना शुरू किया था। अब कमांड देने लिए हर बार “हे गूगल” या “ओके गूगल” कहने के बजाय यूजर्स को केवल एक बार ऐसा करना होगा और फिर असिस्टेंस के साथ बातचीत करनी होगी। गूगल के इस सुविधा को “निरंतर वार्तालाप” का नाम दिया गया है और यह आने वाले सप्ताह में शुरू हो जाएगी। नया असिस्टेंस अब दो वाक्यों के बीच अंतर कर सकता है और एक ही समय में दो अलग-अलग क्वेरी-विशिष्ट उत्तरों के साथ जवाब दे सकता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए गूगल ने मंगलवार को घोषणा की कि लोग गूगल असिस्टेंट से बात करने के लिए 6 नई आवाजों का चयन कर सकेंगे। जिसमे गीतकार जॉन लीजेंड की आवाज भी शामिल है। सालाना डेवलपर सम्मेलन गूगल आई/ओ में गूगल ने कहा कि 6 विकल्पों में पुरुष और स्त्री दोनों की आवाजे शामिल है। यह इसी साल जारी किया जायेगा।
असिस्टेंस के जरिए भी कर सकेंगे मैप का इस्तेमाल : गूगल अपने डिवाइस असिस्टेंस को हर डिवाइस और एप में बंडल करना चाहता है और गूगल मैप में गूगल असिस्टेंस को जोड़ा जा रहा है। जल्द ही ये फीचर्स आईओएस और एंड्रॉइड पर उपलब्ध होगें। यूजर्स अब अपने डिवाइस को छूए बिना ही अपने कॉन्टेक्टस को आगमन के अनुमानित समय को साझा कर सकते हैं। इसके अलावा असिस्टेंस जल्द ही आपको रेस्तरां या सैलून को बुक करने के लिए कॉल कर सकेगा। इसले अलावा यह बच्चों को विनम्र भाषा का उपयोग करना भी सिखाएगा। जब बच्चे कमांड के दौरान “कृपया” कहते हैं, तो उन्हें प्रतिक्रिया में इस वर्चुअल असिस्टेंस से धन्यवाद प्राप्त होगा। जो इस साल तक लॉन्च किया जाएगा। इतना ही नहीं कंपनी अस्सिटेंस के जरिए ऑपरेट होने वाले स्मार्ट डिस्प्ले को भी लॉन्च करने की तैयारी में है।
Gmail में जुड़ेगा ‘स्मार्ट कम्पोज’ फीचर : कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई ने गूगल असिस्टेंस के जरिए ऑपरेट होने वाले स्मार्ट कंपोज जी-मेल के बारे में भी जानकारी दी। इस नई सुविधा के जरिए यूजर्स मशीन लर्निंग टेक्नोलॉजी का उपयोग करके ईमेल लिख सकेंगे। जैसे ही आप टाइप करेंगे तो स्मार्ट कंपोज आपको सुझाव देगा कि आप आगे क्या लिखना चाहेंगे। यह ठीक उसी तरह काम करेगा जिस तरह से गूगल ऑटोकम्पलीट काम करता है। इसके लिए यूजर्स को बस हिट टैब प्रेस करना होगा। गूगल का यह फीचर इसी महीने तक यूजर्स के लिए उपलब्ध हो जाएगा।
क्या होंगे फीचर्स
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई ने कहा कि गूगल अपने AI की आवाज को और अधिक जीवंत बनाने पर काम कर रहा है। यह बिलकुल प्राकृतिक होगा।
नया गूगल असिस्टेंट अब दो वाक्यों की पहचान कर सकता है और दोनों का अलग-अलग जवाब दे सकता है। असिस्टेंट का नया मॉडल टेक मशीन लर्निग टेक्नॉलजी पर बना है। जिसका नाम वेवनेट है। इस पर कंपनी ने 18 महीने पहले काम शुरू किया था।

गूगल असिस्टैंट का इस तरह इस्तेमाल करने से फोन की डिस्प्ले हो सकती है ख़राब 2020

गूगल असिस्टैंट का इस तरह इस्तेमाल करने से फोन की डिस्प्ले हो सकती है ख़राब 2020
गूगल असिस्टेंट में आ गया एक बड़ा बग, ऐसा करने पर हो सकती है स्मार्टफोन की डिस्प्ले खराब :- गूगल असिस्टेंट के बारे में दोस्तों । आपको बता दें कि दोस्तों अमेरिका की सर्च इंजन कंपनी गूगल के असिस्टेंट में बग आने की खबरें लगातार आ रही हैं । और आपको बता दें कि दोस्तों इस बग की वजह से डिस्प्ले फ्रीज हो सकती है । और यह भी हो सकता है कि हमेशा के लिए आपके कोई भी स्मार्टफोन की डिस्प्ले भी खराब हो सकती है ।
तो चलिए दोस्तों आपको गूगल असिस्टेंट में बग के बारे में और जानकारी देते हैं ।
खबरों और रिपोर्ट के मुताबिक दोस्तों जब कोई गूगल असिस्टेंट का यूजर्स Hey Google बोल देता है तो उनके स्मार्टफोन की स्क्रीन फ्रीज हो जाती है । और आपको बता दें कि दोस्तों इसकी वजह से दोस्तों स्मार्टफोन बैटरी भी बहुत जल्दी से खत्म हो जाती है ।
आपको बता दें कि स्मार्टफोन की स्क्रीन इस बग के कारण हमेशा ऑन रहती है । और इसके चलते होम डिवाइस भी प्रभावित हो रहा है और दोस्तों स्मार्टफोन में कई ऐप काम भी नहीं करते दोस्तों वह ऐप अपना काम करना बंद कर देते हैं । और दोस्तों उम्मीद है कि गूगल इस गूगल असिस्टेंट में आए बग को जल्दी से जल्दी ठीक करेगा ।

जाने गूगल मेप के फायदे और जोड़े अपना घर या शॉप अपने मोबाइल से 2020

जाने गूगल मेप के फायदे और जोड़े अपना घर या शॉप अपने मोबाइल से 2020
हेलो दोस्तो इरनेट आज के टाइम का सबसे जरूरी चीज़ हैआज के समय मे इंटरनेट एक ऐसा मीडियम है जिससेआप घर बैठे कोई भी काम आसानी सेकर सकते है चाहे आपको दुिनया मे कही भी जाना हो या फिर रास्ता का पता लगाना हो आपको अपने मोबाइल से या फिर लैपटॉप से इंटरनेट की मदद से आसानी से घर बेठे रास्ते यानि मेप का पता लगा सकते है

गूगल मेप (Google Map) क्या है

गूगल मेप गूगल कंपनी दुवारा बनाया गया एक एप्लिकेशन है जसे आप अप नेमोबाइल या फिर कम्प्युटर मे यूज़ कर सकते है जिसकी मदद सेआप कही भी घूम सकते है ऐसे मे आपको रास्ता पूछने की जरूरत भी नहीं है बस आपको उस जगह का नाम डालना है और फिर अपनी लोकेशन चुने और अपने गूगल मेप मे compaas मोड सिलैक्ट करें सकते है
और गूगल के साथ ड्राइव करें । गूगल आपको टाइम और distenceदिखाएगा जो भी आपको कोफ़ोरटेबल उस रुड से जा
गूगल मेप पर मिसिंग प्लेस जोड़ सकते है, गलत जगह सही कर सकते है जैसे की गूगल मेप अपना घर ,ऑफिस ,दुकान अन्य कोई भी जगह जोड़ सकते है इस के लिए
Step -1: आपको गूगल मेप मे अपने स्थान को (लोकेशन)चुने
Step -2: Add missing place बाले ऑप्शन चुने या गूगल मेप मे बाए ओर तीन लाइन पर क्लिक करें
Step -3: और फिर आप अपने स्थान की सही जानकारी गूगल मेप को दे दें
Step -4: गूगल मेप आपकी जगह को जल्द ही मेप मे दिखाएगा
हम आपको गूगल मेप पर अपना घर, दुकान, रेस्टोरेंट, स्कूल आदि का नाम और एड्रेस एड करने की प्रॉसेस बता रहे हैं। एड्रेस और नाम के साथ ही आप उस प्लेस की फोटो, वेबसाइट, बिजनिस कार्ड भी एड कर सकते हैं। हालांकि आपके द्वारा दी गई जानकारी को गूगल वेरिफाई करता है उसके बाद ही उसे गूगल मेप पर एड किया जाता है। इसमें 24 से 48 घंटे का समय लगता है। अगर आप अपने घर का नाम और एड्रेस गूगल मेप पर ऐड करना चाहते हैं तो वह तुरंत एड हो जाएगा लेकिन वह पब्लिक नहीं होगा वो सिर्फ आपको ही दिखाई देगा।
– गूगल मेप ऐप की मदद से या क्रोम ब्राउजर में गूगल मेप को खोल कर आप भी आप ये सेटिंग कर सकते हैं
– ऐप में दिए गए केटेगरी ऑप्शन में आप घर, रेस्टोरेंट, स्कूल, कैफे, बार, शॉपिंग सेंटर, सुपरमार्केट, सिनेमा, म्यूजिम आदि को एड कर सकते हैं।
– नाम डालने के बाद अगर आपको लगता है कि कुछ गलत एड कर दिया है तो आप उसे हटा या एडिट भी कर सकते हैं।
-गूगल मेप ऐप सभी एंड्रॉइड फोन में इनबिल्ट आने लगी अगर आपके फोन में ये ऐप नहीं है तो इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
इन लोगों के लिए है यूजफुल
जो लोग बिजनेस करते हैं वे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपनी दुकान का नाम और एड्रेस पहुंचाना चाहते हैं। अगर वे गूगल मेप पर अपना एड्रेस और नाम एड करा देते हैं तो कस्टमर्स आसानी से एड्रेस ढूंढकर उन तक पहुंच जाएंगे।
दोस्तों यदि हमारी दी हुई जानकारी आपको पसंद आई हो तो इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे,और अधिक जानकारी के लिए आप हमे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते है

गूगल अपने प्लेटफॉर्म पर फूड डिलीवरी सुविधा देने वाली कंपनियों के साथ करार कर 2020

गूगल अपने प्लेटफॉर्म पर फूड डिलीवरी सुविधा देने वाली कंपनियों के साथ करार कर 2020
ऑनलाइन ऑर्डर कर खाना मंगवाना इन दिनों काफी चलन में है। भारत में स्विगी, जोमैटो, उबर ईट्स, फूड पांडा जैसी कंपनियां इस बिजनेस में होड़ कर रही हैं। यूजर्स को इन कंपनियों के ऐप के जरिए खाना ऑर्डर करना होता है। लेकिन, दुनिया की सबसे बड़ी इंटरनेट कंपनियों में से एक गूगल अब ऐसी सुविधा देने जा रही है जिससे यूजर्स अलग-अलग ऐप डाउनलोड किए बिना पसंदीदा रेस्टोरेंट से खाना ऑर्डर कर सकेंगे।
गूगल अब अपने सर्च, मैप और असिस्टेंस सर्विस में भी खाना ऑर्डर करने की सुविधा देने जा रही है। यानी आप अगर गूगल सर्च का इस्तेमाल कर रहे हैं और कोई पसंदीदा खाना सर्च करते हैं तो गूगल आपको यह बताएगा कि इसे किस रेस्टोरेंट से ऑर्डर किया जा सकता है। इतना ही नहीं वहीं से आप तत्काल खाना ऑर्डर भी कर सकेंगे और गूगल पे के जरिए ऑर्डर का पेमेंट भी कर सकते हैं। इसी तरह गूगल मैप का इस्तेमाल करते वक्त अगर आप किसी इलाके में मौजूद रेस्टोरेंट से खाना ऑर्डर कर सकेंगे। इतना ही नहीं गूगल वॉइस कमांड (गूगल असिस्टेंस) के जरिए भी यह काम किया जा सकेगा।

अमेरिका में कई कंपनियों से करार

गूगल खुद फूड डिलीवरी बिजनेस में नहीं आ रही है। इसके लिए वह इस बिजनेस में मौजूद कंपनियों के साथ करार कर रही है। अमेरिका में उसने इसके लिए डोर डैश, पोस्टमेट्स, डिलीवरी डॉट कॉम, स्लाइस और चाउ नाऊ के साथ करार किया है। जल्द ही जप्लर और अन्य कंपनियों को भी प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। कंपनी भारत सहित अन्य देशों में ऑनलाइन ऑर्डर लेकर फूड डिलीवरी का काम कर रही कंपनियों के साथ करार करने की योजना भी बना रही है। अगर आपने किसी रेस्त्रां से पहले खाना ऑर्डर किया है और वहीं से खाना फिर मंगाना चाहते हैं तो गूगल असिस्टेंस के जरिए कुछ ही सेकंड में मंगवा सकेंगे। इसके लिए फोन को हाथ में लेने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी

गूगल पे ऐप दे रहा है यूजर्स को 1 लाख रुपये जीतने का मौका, जाने किस तरह 2020

गूगल पे ऐप दे रहा है यूजर्स को 1 लाख रुपये जीतने का मौका, जाने किस तरह 2020
गूगल ने अपने इस स्कीम (diwali stamp collection scheme) को दिवाली के मौके पर पेश किया था जिसकी आखिरी डेट 31 अक्टूबर रखी गई थी। लेकिन गूगल यूजर अब इस स्कीम का फायदा 11 नवंबर तक उठा सकते हैं।
पेमेंट सर्विस ऐप गूगल पे (Google Pay) अपने यूजर्स के लिए एक खास ऑफर लेकर आया है। कंपनी ने दिवाली के मौके पर एक स्कीम निकाली थी जिसके तहत यूजर्स को दिवाली स्टैम्प कलेक्ट करना था। कंपनी का ये ऑफर पहले 31 अक्टूबर के लिए था लेकिन अब इसकी तारीख को बढ़ा कर 11 नवंबर कर दिया गया है।
जैसा कि हमने बताया कि गूगल (Google) ने अपने इस स्कीम (diwali stamp collection scheme) को दिवाली के मौके पर पेश किया था जिसकी आखिरी डेट 31 अक्टूबर रखी गई थी। लेकिन गूगल यूजर अब इस स्कीम का फायदा 11 नवंबर तक उठा सकते हैं।

क्या है दिवाली स्टैम्प स्कीम?

दिवाली स्टैम्प स्कीम के तहत यूजर्स को 5 दिवाली स्टैम्प कलेक्ट करने होंगे। इनमें झुमका, फ्लावर, दिया, लैंटर्न और रंगोली के स्टैम्प शामिल है। अगर यूजर ने इन 5 स्टैम्प को कलेक्ट कर लिया तो उन्हें 251 रुपये का रिवॉर्ड मिलेगा। इसके साथ ही यूजर गूगल की ओर से 1 लाख रुपये जीतने का मौका पा सकते हैं।
इस स्कीम में ज्यादातर यूजर्स को शिकायत हो रही है कि उन्हें रंगोली स्टैम्प नहीं मिल रहा है। लेकिन अगर आप किसी बिल जैसे कि DTH Bill या Gas , इलेक्ट्रिसिटी बिल जमा करते हैं गूगल पे के जरिए तो आप रंगोली स्टैम्प पा सकते हैं।
इस स्कीम की एक खास बात ये भी है कि आप चाहें तो अपने दोस्तों को भी ये स्टैम्प भेज सकते हैं जिसके बदले आपको भी एक स्टैम्प गिफ्ट में मिलेगा।
इसके अलावा इसमें दिवाली स्कैनर फीचर भी दिया गया है जो यूजर्स को दिवाली आइटम स्कैन कर नया स्टैम्प जमा करने की अनुमति देते हैं।

BHIM ऐप डाउनलोड कराओ और पैसे कमाओ 2020

BHIM ऐप डाउनलोड कराओ और पैसे कमाओ 2020
पीएम मोदी ने अंबेडकर जयंती के मौके पर Bhim Aadhaar लॉन्च किया है. इसके साथ ही रेफरल प्रोग्राम की भी शुरुआत की है. पीएम के मुताबिक इस रेफरल प्रोग्राम से अगर देश के युवा चाहें तो 10 से 15 हजार रुपये तक कमा सकते हैं.
क्या है रेफरल स्कीम
आपको इस स्कीम के तहत जिन लोगों ने BHIM ऐप अपने स्मार्टफोन में नहीं डाउनलोड किया है उन्हें इसे इंस्टॉल कराना है. यानी किसी को भीम ऐप के बारे में किसी मर्चेंट या नागरिक को समझाएंगे और उसे डाउनलोड कराएंगे. अगर आपके रेफरल से उसने ऐप डाउनलोड कर लिया है और इसके बाद और वो तीन ट्रांजैक्शन करेगा, तो सरकार आपके खाते में 10 रुपये जमा करेगी.
पीएम मोदी ने कहा, ‘अगर एक दिन में आप 20 लोगों को रेफर कर दें तो शाम तक 200 रुपये आपके खाते में आ जाएंगे. अगर तीन महीने तय कर लें कि रोज 200 कमाना है तो ये क्या मुश्किल काम है?
व्यापारियों को भी मिलेगा रेफरल का फायदा
ये रेफरल प्रोग्राम न सिर्फ कस्टमर्स के लिए है, बल्कि मर्चेंट्स के लिए भी फायदेमंद है. पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा है कि जो व्यापारी अपने दुकान पर भीम ऐप लागू करेगा और उसके जरिए ट्रांजैक्शन करेगा तो 25 रुपये उसके खाते में दिए जाएंगे.
पीएम मोदी ने कहा कि अगर किसी मर्चेंट को BHIM ऐप डाउनलोड करा रहे हैं तो आप उसे यह बता सकते हैं कि उसे भी 25 रुपये मिलेंगे.
प्ले स्टोर पर लॉन्चिंग के बाद से इस ऐप को अब तक एक करोड़ अस्सी लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया है। इस ऐप को आप प्ले स्टोर या आईओएस ऐप स्टोर से भी डाउनलोड कर सकते हैं। सरकार ने डिजिटल लेन देन को बढ़ावा देने के लिए भीम ऐप यूजर्स के लिए दो नए ऑफर, भीम रेफरल बोनस स्कीम और भीम मर्चेंट कैशबैक स्कीम लॉन्च की हैं। आइए आपको इन दोनों ऑफर और इनके फायदो के बारे में विस्तार से बताते हैं। 
भीम कैशबैक योजना
इस योजना का उद्देश्य भीम प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर्ड व्यापारियों की संख्या बढ़ाना है। भीम प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर्ड व्यापारियों को हर महीने 300 रुपये तक का कैशबैक मिल सकता है। इस हिसाब से भीम प्लेटफॉर्म से जुड़े व्यापारियों को 6 महीने में 1,800 रुपये तक का लाभ मिल सकता है। भीम प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे व्यापारी क्यूआर कोड या मोबाइल नंबर या आधार से भुगतान प्राप्त कर सकते हैं।

यूजर को ऐसे मिलेगा फायदा

रेफरल बोनस योजना
इस ऑफर के जरिए सरकार ज्यादा से ज्यादा यूजर को ऐप से जोड़ना चाहती है। इस ऑफर में सरकार ने नए यूजर और पुराने यूजर दोनों को लुभाने की कोशिश की है। ऑफर के तहत यूजर को ऐप को शेयर (रेफर) करने पर बोनस दिया जाएगा।
ऐप शेयर करने वाले यूजर को बोनस तभी मिलेगा जब नया यूजर ऐप का इस्तेमाल तीन बार लेन देन के लिए करे। लेनदेन को सफल बनाने के लिए कम से कम 50 रुपये किसी को भेजना होगा। ऐप शेयर करने वाले यूजर को हर नया यूजर (सफल) जुडने पर 10 रुपये मिलेगा, जबकि नए यूजर को ऐप डाउनलोड करने और सफल लेन देन के बाद 25 रुपये मिलेंगे। 

गूगल पे लाया बायोमेट्रिक सिक्योरिटी फीचर 2020

गूगल पे लाया बायोमेट्रिक सिक्योरिटी फीचर 2020
गूगल अपने डिजिटल पेमेंट प्लेटफार्म गूगल पे को पहले से ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक बना दिया है। गूगल ने अपने ऐप में बायोमेट्रिक सिक्योरिटी फीचर (2.100) वर्जन जोड़ दिया है। इस नए फीचर के बदौलत मनी ट्रांसफर करने के लिए यूजर को पिन डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब पिन के अलावा फिंगरप्रिंट और फेस रिकॉग्नाइजेशन के जरिए भी ट्रांजेक्शन किया जा सकेगा। फिलहाल यह फीचर सिर्फ एंड्रॉयड 10 डिवाइस में ही उपलब्ध है।
इससे पहले गूगल पे यूजर ट्रांजेक्शन करने के लिए पिन का इस्तेमाल करते थे ताकि उनका ट्रांजेक्शन सुरक्षित रहे। लेकिन लेटेस्ट अपडेट में पिन डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गूगल ने ऐप में बायोमेट्रिक एपीआई का फीचर जोड़ा है जो पहले से तेज और सुरक्षित है। इसे पारंपरिक पिन सिक्योरिटी फीचर के रिप्लेसमेंट के तौर भी देखा जा रहा है।
फिलहाल यह फीचर भारत में उपलब्ध नहीं है। भारतीय यूजर्स को अभी भी यूपीआई पिन की मदद से ही पेमेंट करना होगा। यह फीचर सिर्फ एंड्रॉयड 10 डिवाइस में ही उपलब्ध है। एंड्रॉयड पुलिस कि रिपोर्ट के मुताबिक जल्द ही नए अपडेट को एंड्रॉयड 9 यूजर्स के लिए भी जारी किया जाएगा।

बायोमेट्रिक सिक्योरिटी से होगी पेमेंट

दरअसल, गूगल ने अपने डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म पर एक नया बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फीचर को जोड़ा है. गूगल ने एंड्रॉयड 10 के साथ मिलकर बायोमेट्रिक सिक्योरिटी को पेश किया था, इसी फीचर को अब गूगल पे में जोड़ा गया है. हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से पिन ऑथेंटिकेशन भी बेहतर था, लेकिन इसमें कोई भी सेंध लगा सकता है क्योंकि आसानी से क्रैक किया जा सकता है. 

गूगल पिक्सल 4 पर चलेगा फीचर

एंड्रायड पुलिस के मुताबिक, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन सिर्फ पैसे ट्रांसफर करने के लिए दिया गया है. गूगल पिक्सल 4 स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले ग्राहक इस फीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं. हालांकि, गूगल एंड्रायड 9 पर भी इस फीचर को जोड़ने की प्लानिंग कर रही है. लेकिन, अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि पुराने वर्जन का इस्तेमाल कर रहे यूजर्स इसका फायदा उठा सकते हैं या नहीं. फिलहाल, यह फीचर भारत में उपलब्ध नहीं है. गूगल पे इंडिया यूजर्स अभी भी UPI पिन ऑथेंटिकेशन से ही ट्रांजेक्शन करेंगे.

फिलहाल भारत में नहीं मिलेगी यह सुविधा

  1. इससे पहले गूगल पे यूजर ट्रांजेक्शन करने के लिए पिन का इस्तेमाल करते थे ताकि उनका ट्रांजेक्शन सुरक्षित रहे। लेकिन लेटेस्ट अपडेट में पिन डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गूगल ने ऐप में बायोमेट्रिक एपीआई का फीचर जोड़ा है जो पहले से तेज और सुरक्षित है। इसे पारंपरिक पिन सिक्योरिटी फीचर के रिप्लेसमेंट के तौर भी देखा जा रहा है।
  2. फिलहाल यह फीचर भारत में उपलब्ध नहीं है। भारतीय यूजर्स को अभी भी यूपीआई पिन की मदद से ही पेमेंट करना होगा। यह फीचर सिर्फ एंड्रॉयड 10 डिवाइस में ही उपलब्ध है। एंड्रॉयड पुलिस कि रिपोर्ट के मुताबिक जल्द ही नए अपडेट को एंड्रॉयड 9 यूजर्स के लिए भी जारी किया जाएगा।
  3. यूजर्स को यह ऑप्शन सेडिंग मनी सेक्शन के नीचे दिखाई देगा। यूजर पिन से बायोमेट्रिक सिक्योरिटी में स्विच कर सकेंगे। पेमेंट को और सुरक्षित बनाने के लिए यूजर्स दोनों ऑप्शन भी इस्तेमाल कर सकेंगे। इस फीचर का इस्तेमाल सिर्फ मनी ट्रांसफर के लिए ही किया जा सकता है। इसे स्टोर्स पर एनएफसी पेमेंट्स के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते।

इस ऐप से फोटो खींचो और दिल्ली में अपने आस पास के प्रदूषण का स्टार जानो 2020

इस ऐप से फोटो खींचो और दिल्ली में अपने आस पास के प्रदूषण का स्टार जानो 2020
इस ऐप को हाल ही द मार्कोनी सोसायटी की ओर से पुरस्कार से नवाजा गया है। सोसायटी ने भारत में तकनीकी क्षेत्र के छात्रों के लिए एक प्रतियोगिता का अयोजन किया था। इस प्रतियोगिता में दिल्ली के भारती विद्यापीठ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के छात्रों ने भी हिस्सा लिया था। उनका बनाया रक्षक नाम का यह ऐप महिलाओं की आवाज की आवृत्ति और बोलने के पैटर्न का अपने ऑडियो माइक्रोफोन से परीक्षण कर उपयोगकर्ता की लोकेशन की की सटीक जानकारी देता है।
जब ऐप बोले जाने के समय किसी प्रकार की गड़बड़ी या सामान्य स्वर से इतर पिच पाता है तो यह मदद के लिए संकेत भेजता है। एसओएस अलट्र्स के जरिए यह सगे-संबंधियों को उपयोगकर्ता के स्थान की जानकारी पहुंचाता है। साथ ही यूजर के आपातकालीन संदेशों को भी भेजता है। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध है। इस ऐप समाधान ने मार्कोनी सोसायटी की ओर से आयोजित सेलेस्टिनी प्रोग्रा प्रतियोगिता में शीर्ष पुरस्कार प्राप्त किया है। विजेता टीम के सदस्य पीयूष अग्रवाल, सुभम बंगा, अनिकेत शर्मा और उज्जवल उपाध्याय ने बताया कि वे एक ऐसा ऐप बनाना चाहते थे जो भारत में महिला सुरक्षा के मुद्दे से निपटने में मदद कर सके।
प्रदूषण से बचाएगा यह ऐप
इसी प्रतियोगिता में दूसरा पुरस्कार जीतने वाली टीम भी इसी कॉलेज से थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के ग्लोबल एम्बिएंट एयर क्वालिटी डेटाबेस के अनुसार दुनिया के 15 सबसे प्रदूषित शहरों में से 14 शहर भारत में ही हैं। टीम के सदस्य हर्षिता डिड्डी, शिवम ग्रोवर, शिवानी जिंदल और दिव्यांशु शर्मा ने विजऩ एयर नाम का एक गोपनीयता-जागरूक स्मार्टफोन ऐप बनाया है जो जो हवा की गुणवत्ता का अनुमान लगाने के लिए स्मार्टफोन से ली गई वायुमंडल की तस्वीरों का उपयोग करता है।
ऐप एक मशीन लर्निंग मॉडल पर आधारित है जो वायुमंडल और मौसम के मिजाज और तस्वीरों से हवा की गुणवत्ता का अनुमान लगाता है। विजऩएयर नाम का यह ऐप अन्य डेवलपर्स को दिल्ली के अलग-अलग स्थानों से ली गई तस्वीरों के एक विविध सेट को खोलने के लिए नए मशीन लर्निंग मॉडल बनाने में सक्षम बनाती है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मॉनिटर और एयरवेदा सेंसर के अनुसार इस ऐप से शहर की हवा की वास्तविक गुणवत्ता का डेटा के साथ जानकारी सीधे मोबाइल पर भेजता है।

इस मोबाइल एप से आपका बैंक अकाउंट हो सकता है खाली जानकर तुरंत डिलीट करे 2020

इस मोबाइल एप से आपका बैंक अकाउंट हो सकता है खाली जानकर तुरंत डिलीट करे 2020
मोबाइल फोन आज हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा, वहीं जब से एंड्रॉयड फोन्स की एंट्री हुई है, मानो हमारे 90 फीसदी काम अब मोबाइल पर ही निर्भर हैं। लोग अपने काम के कई ऐप्स डाउनलोड करके उसी के जरिये अपनी जरूरतों को पूरा करते हैं। लेकिन, एंड्रॉयड यूज़र्स के लिए एक खतरनाक ऐप को लेकर चेतावनी है। प्ले स्टोर पर एक ऐसी ऐप सामने आई है, जो यूज़र का अकाउंट खाली कर सकती है।
बिना यूजर परमीशन कट जाते हैं पैसे
बता दें कि, राजधानी के एक नेट सर्फर विशाल दिवेकर ने बताया कि, हालही में ऐप एनालाइज करने वाली सिक्यॉर-डी टीम अपनी नई रिसर्च में ‘ai.type’ नाम की ऐसी ऐप मिली है, जो बिना यूज़र परमिशन के बिना प्रीमियम डिजिटल सर्विस की खरीदी कर सकता है। ऐसी स्थिति में यूजर को जानकारी भी नहीं होती कि, उसने कोई प्रीमियम कंटेंट सर्विस खरीदी है और उसके पैसे कटे हैं। हलांकि,  प्रीमियम कंटेंट सर्विस का शुल्क भी इतना मिनिमम होता है कि, अकसर लोगों को लगता है कि, शायद बैंक ने ही किसी तरह का चार्ज काटा है और वो इसपर खास ध्यान भी नहीं देते।
इस ऐप से रहें सतर्क
एक अंग्रेजी अखबार ने भी टीम के हवाले से ही इस संबंध में जानकारी देते हुए खबर छापी थी कि, ये ऐप बैकग्राउंड में काम करता था। इसमें यूज़र को बिना पता चले फेक ऐड व्यूज लिया जाता था, साथ ही ऐप डिजिटल खरीदारी भी कर सकता था, जिसके चलते यूज़र के अकाउंट से ऑटोमेटिक पेमेंट की सुविधा भी रहती है। ऐसे में यूजर को पता भी नहीं रहता कि, उसके खाते से थोड़े थोड़े पैसे निकलते रहते हैं। Ai.type एक थर्ड-पार्टी keyboard एक एंड्रॉयड ऐप है। आपको जानकर हैानी होगी कि, अब तक इस ऐप को 4 करोड़ बार से ज्यादा डाउनलोड किया जा चुका है।इस ऐप को इज़राइल की कंपनी ai.type LTD ने बनाया है, जिसे प्रचारित ‘Free Emoji keyboard’ के नाम से किया गया है, जिसे लोग काफी तेजी से डाउनलोड कर रहे हैं।
रखें ये सावधानी
टीम द्वारा की गई रिसर्च में ये भी सामने आया कि, ऐप के माध्यम से धोकाधड़ी करके लोगों से 18 मिलियन डॉलर (करीब 127 करोड़ रुपये) का चूना लगाने की कोशिश की थी, जिसे सिक्योरिटी फर्म की टीम ने बचा लिया। बताया गया कि, 110,000 मोबाइल से 14 मिलियन (1 करोड़ 40 लाख) के ट्रांसैक्शन की रिक्वेस्ट आ चुकी है। रिपोर्ट में ये भी सामने आया कि, इस ऐप से अब तक दुनियाभर के 13 देश प्रभावित हो चुके हैं। हालांकि, ऐप की खतरनाक बैकग्राउंड गिविधि के चलते प्ले स्टोर इसे कई महीनों पहले ही ब्लॉक करचुका है, लेकिन जिन यूजर्स ने इसे अपने फोन में इंस्टॉल कर रखा है, वो लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं। अखबार के माध्यम से सिक्यॉर-डी टीम ने एंड्रायड का इस्तेमाल करने वाले सभी यूजर्स को इस तरह के किसी भी ऐप को तुरंत अनइंस्टाल करने की सलाह दी है, ताकि आप इस सेहोने वाले नुकसान से बच सकें।

ऐप प्रबंधन बेहतर बनाती क्लेवरटैप 2020

ऐप प्रबंधन बेहतर बनाती क्लेवरटैप 2020
बिजनेस-टू-कंज्यूमर कारोबार में लगी सभी कंपनियां अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए किसी न किसी तरीके से ऐप पर निर्भर होती है। सस्ते और सर्व-सुलभ इंटरनेट की मदद से ऐप के जरिये ब्रांड ग्राहकों से आसानी से जुड़ पा रहे हैं। हालांकि केवल ग्राहकों द्वारा ऐप डाउनलोड करना ही ऐप के जरिये ब्रांड की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए काफी नहीं है। हो सकता है कि ग्राहक ने केवल मुफ्त में मिलने वाले लाभ के लिए ऐप को डाउनलोड किया हो और बाद में उसे डिलीट कर दिया? इसका पता कैसे चले कि संबधित मोबाइल में ऐप निष्क्रिय अवस्था में पड़ा है जबकि उसकी मदद से ब्रांड की खरीद या ग्राहकों की संख्या बढऩी चाहिए थी। 
इंटरनेट के बाजार में सामग्री और ऐप के बढ़ते चलन के दौर में ब्रांड को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे केवल ऐप के जरिये उपलब्ध ही नहीं हैं बल्कि ग्राहक सकारात्मक तरीके से उनके साथ जुड़े हैं। तकनीकी क्षेत्र के तीन लोगों ने इस संभावना को खोजा और वर्ष 2013 में मोबाइल मार्केटिंग आधारित ‘सेवा के तौर पर सॉफ्टवेयर’ (सैस) उत्पाद, क्लेवरटैप लॉन्च किया। आज के समय इसका मूल्यांकन 15 करोड़ डॉलर को पार कर चुका है और कई वैश्विक और भारतीय ब्रांड उत्पाद का प्रयोग कर रहे हैं। आनंद जैन, सुनील थॉमस और सुरेश कोंडामुडी द्वारा शुरू की गई क्लेवरटैप ने हाल ही में सिकोया कैपिटल इंडिया, टाइगर ग्लोबल मैनेटमेंट और एसेल पार्टनर्स की अगुआई वाली बी सीरीज के दौर में 2.6 करोड़ डॉलर जुटाए हैं। 
एक्सेल पार्टनर्स में पार्टनर प्रशांत प्रकाश कहते हैं, ‘क्लेवरटैप की मदद से कंपनियां बाजार संबंधी अपने निर्णयों को स्वचालित कर पा रही हैं जिससे सकारात्मक कारोबारी प्रभाव पड़ा है। इस अभियान में क्लेवरटैप का साथ देने के लिए हम काफी उत्साहित हैं।’ 

कारोबारी मॉडल 

कंपनी ने ऐप निर्माताओं के लिए हाल ही में एक मोबाइल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म विकसित किया है जिसमें उपयोगकर्ताओं से संपर्क करने जैसी अनेक विधाओं के लिए स्वचालन सुविधा विकसित की गई। पुश नोटिफिकेशन के लिए ऑटोमेशन, ग्राहकों द्वारा ऐप के उपयोग की निगरानी करना और एनालिटिक्स की मदद से मोबाइल ऐप्लीकेशन को बेहतर बनाने वाले बिंदुओं की पहचान कर बेहतर बनाया जाता है। 
कंपनी का मुख्यालय कैलिफोर्निया में स्थित है और उनका दावा है कि वह स्टार, सोनी, डोमिनोज, गोजेक, बुक माई शो और वोडाफोन जैसी बड़ी कंपनियों के साथ काम कर रही है। क्लेवरटैप के 100 से अधिक देशों में ग्राहक हैं और इसके प्रमुख क्षेत्र अमेरिका, दक्षिण पूर्व एशिया और यूरोप, पश्चिम एशिया तथा अफ्रीका हैं। कंपनी के अमेरिका, दक्षिण पूर्व एशिया (सिंगापुर), यूरोप (लंदन, नीदरलैंड, स्पेन) और भारत (मुंबई) में मुख्यालय हैं। क्लेवरटैप का दावा है कि सालाना आधार पर उसके राजस्व में 250 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। ऐप एक मिनट में 2.6 करोड़ पुश नोटिफिकेशन का प्रसंस्करण करने का दावा करता है।  
जैन कहते हैं, ‘हम ब्रांड को उपयोगकर्ता की खोज संबंधी भविष्यवाणी करने, उपयोगकर्ता का ध्यान और ग्राहक के उपयोग समय में सुधार करने और विभिन्न चैनलों से जुड़ाव में सुधार लाने के लिए उनके साथ संवाद करने में मदद करते हैं।’ ग्राहक आमतौर पर सालाना पैक सबस्क्राइब करते हैं और अपने ऐप में सैस प्रोग्राम शामिल कर लेते हैं। 
कंपनी का दावा है कि वह 8,000 से अधिक ब्रांड के साथ काम कर रही है। गूगल एनालिटिक्स, फेसबुक और एडोबी द्वारा दी जा रही सेवाओं से अपनी सेवा को अलग बताते हुए जैन कहते हैं कि उनका उत्पाद ‘फुल-स्टैक सिस्टम’ है और मार्केटिंग तथा उत्पाद टीमें एक ही समय में इसका उपयोग कर सकती हैं। यह ऐप डेवलपर के लिए रियल टाइम डैशबोर्ड भी उपलब्ध कराता है जो किसी भी ऐप को इंस्टॉल या अनइंस्टॉल की संख्या, ऐप पर ग्राहक द्वारा खर्च किया गया समय आदि डेटा ट्रैक करता है। 
फिलहाल क्लेवरटैप में लगभग 170 कर्मचारी हैं जिसमें से 125 से ज्यादा भारत में कार्यरत हैं। कंपनी मार्केटिंग और कस्टमर फ्रंटएंड कैलिफोर्निया मुख्यालय से संभालती है और इंजीनियर भारत तथा अमेरिका में रहकर काम कर रहे हैं। 

चुनौतियां 

जैन बताते हैं, ‘सबसे बड़ी चुनौती ऐप उपयोगकर्ताओं के ग्राहकों को बनाए रखने की अपनी रणनीति समझाने और इसका इस्तेमाल करना है।’ वह कहते हैं कि जानकारी साझा करने और उसके उपयोग के लिए फोन मुख्य भूमिका में रहेंगे और क्लेवरटैप ग्राहकों के लिए इससे संबंधित रियल टाइम विश्लेषण तैयार करती है। कुछ क्षेत्रों में कंपनी लाभ में है और फिलहाल नए क्षेत्रों मेंं विस्तार के लिए निवेश कर रही है। वह कहते हैं, ‘आज से पांच वर्ष बाद मैं क्लेवरटैप को वैश्विक कंपनी के तौर पर देखना चाहता हूं जो बैंक, खुदरा कारोबारी, दूरसंचार क्षेत्र आदि विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रही होगी।’

ZorroSign ने अपना मोबाइल ऐप लांच करने की घोषणा की 2020

ZorroSign ने अपना मोबाइल ऐप लांच करने की घोषणा की 2020
ZorroSign के उपयोक्ता, उन्हें भेजे गए दस्तावेजों की समीक्षा करने और सिग्नेचर करने, सिग्नेचर बनाने, उनके प्रोफाइल अपडेट करने, उनके संपर्क प्रबंधित करने, तुरंत सूचनाएं प्राप्त करने, और दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच करने के लिए मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं।
नए मोबाइल ऐप को लांच करते हुए एक वादा पूरा किया गया है कि ZorroSign के उपयोक्ताओं को डिजिटल लेनदेन प्रबंधन प्रक्रियाएं संपन्न करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर हेतु सहायक सदैव सबसे नवीनतम मोबाइल तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी। इस संस्करण में असली हस्तलिखित ‘वास्तविक’ इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर कैप्चर और उपयोग करने की गुणवत्ता और क्षमता में काफी सुधार किया गया है, जिसके लिए ZorroSign प्रसिद्ध है। यह नया ऐप, उपयोक्ताओं को कभी भी कहीं भी दस्तावेजों पर सिग्नेचर करने तथा अपनी कारोबारी प्रक्रियाएं पूरी करने की सुविधा देते हुए अधिक लचीलापन, तेज प्रोसेसिंग समय, अधिक दक्षता, और त्रुटिरहित दस्तावेज चक्रों की अधिक संभावना प्रदान करता है।
इस संबंध में Bharath Manoharan, टैरेटरी इंचार्ज ZorroSign ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि, “मोबाइल ऐप्स के हमारे सुइट में इस बड़े अपग्रेड में, हमने उपयोक्ताओं के लिए अनुभव, निजता, सुरक्षा, और कार्यवाही की तेज गति के संदर्भ में ‘मोबाइल लाइफ’ के भविष्य में एक बड़ी छलांग लगाई है। दस्तावेजों पर सिग्नेचर करने व कारोबारी लेनदेन और डिजिटल दस्तावेजों को जालसाजी और छेड़छाड़ से सुरक्षित रखने के लिए प्रयुक्त ZorroSign की समस्त अधिकृत तकनीक, हमारे मोबाइल अनुभव के केंद्र में है।” आगे उन्होंने बताया कि “यह संस्करण, पूरी तरह से ‘मोबाइल फर्स्ट’ अभियान से प्रेरित है। पूरी तरह मोबाइल बनने, और सचमुच कागज़रहित जीवन साकार करने का यह हमारा अपना तरीका है।”
लंबित पेटेन्ट वाली ZorroSign Document 4n6 (फोरेंसिक्स) Token Reader विशेषता, हमारे मोबाइल अनुभव का एक केंद्रबिंदु है और उपयोक्ता सभी विशेषताओं का उपयोग कर सकते हैं जिनमें चेन ऑफ कस्टडी, ऑडिट ट्रेल, दस्तावेजों का प्रमाणीकरण और सत्यापन आदि कुछ प्रमुख हैं।
ZorroSign के ऐसे उपयोक्ता जो किसी दस्तावेज पर त्वरित ‘सिग्नेचर और निपटान कार्यवाही’ पसंद करते हैं या डेस्कटॉप पर कार्य करते हैं, उनके लिए भी किसी भी प्लेटफार्म पर उनके पसंदीदा मोबाइल ब्राउजर के उपयोग द्वारा मोबाइल अनुकूलित अनुभव प्राप्त करने का विकल्प उपलब्ध रहेगा।
इस संबंध में Shamsh Hadi, सह-संस्थापक और CEO, ZorroSign ने अपनी प्रतिक्रिया में बताया कि, “जब हमने नया ZorroSign ऐप तैयार किया तो मैं इस नतीज़े पर पहुंचा कि इसे केवल एक लक्ष्य हासिल करना है, बाज़ार में उपयोक्ता को सर्वोत्तम अनुभव प्रदान करना” । “विशिष्ट रूप से ZorroSign नवीनतम तकनीकों का उपयोग करके कारोबारी प्रक्रियाओं को अधिक सुरक्षित ढंग से सुगम बनाने में भूमिका निभाती है। एक पूरी तरह से कार्यक्षम नेटिव ऐप के माध्यम से उपलब्ध ई-सिग्नेचर और डिजिटल लेनदेन प्रबंधन का सम्पूर्ण समाधान, डेस्कटॉप से मोबाइल तक निर्बाध बदलाव सुनिश्चित करता है और ऐसी सर्वोच्च सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है जिसमें ऐसे कोई कमज़ोर हिस्से (लूपहोल) नहीं छोड़े गए हैं जिनका कि कोई संदिग्ध व्यक्ति फायदा उठा सके।”
यह नया एप, दुनिया भर में ZorroSign के उपयोताओं हेतु डाउनलोड करने के लिए आज से उपलब्ध है। ऐप यहां से डाउनलोड करें: www.zorrosign.in/mobile/ या अधिक जानने के लिए www.zorrosign.in देखें।
ZorroSign केबारेमें
ZorroSign, Inc. इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी और एक एकीकृत प्लेटफार्म, एक सम्पूर्ण इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर और डिजिटल लेनदेन प्रबंधन समाधान ZorroSign DTM की विकासकर्ता है। ZorroSign की अद्वितीय Document 4n6 (फोरेसिक्स) तकनीक ब्लॉकचेन टोकनाइजेशन के उपयोग द्वारा निष्पादन पश्चात जालसाजी का पता लगाने और इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर्स और दस्तावेजों के सत्यापन और प्रमाणीकरण की सुविधा प्रस्तुत करती है।
ZorroSign DTM अपनी बैंक-स्तरीय सुरक्षा के साथ और अपनी कोर तकनीक का उपयोग करके, जिसमें रियल ई सिग्नेचर, इलेक्ट्रॉनिक डॉक्युमेंट सिक्योरिटी, एंटरप्राइज ग्रेड वर्कफ्लो, इंटेलिजेंट फार्म, दस्तावेज प्रबंधन प्रणाली, और मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करने वाले इंटेलीजिंट फार्म्स का उपयोग करते हुए, सम्पूर्ण डिजिटल लेनदेनों को व्यवस्थित करता है।
ZorroSign के बारे में अधिक जानकारी, और मुफ्त अनुभव प्राप्त करने के लिए कृपया http://www.zorrosign.in देखें।

आईफोन यूजर्स के लिए उपयोगी ऐप जानिये कौन कौन से हैं 2020

आईफोन यूजर्स के लिए उपयोगी ऐप जानिये कौन कौन से हैं 2020
अगर आप आईफोन का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिये बताने जा रहे एआर आधारित ऐप जो आपके लिये उपयोगी साबित होगें।
lane Finder एक बेस्ट रेटेड ट्रैवल ऐप है जिसे आप गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर दोनों से डाउनलोड कर सकते हैं। इस ऐप की मदद से आप AR का इस्तेमाल करके रीयल टाइम में दुनिया भर के एयर ट्रैफिक की जानकारी ले सकते हैं।सके मुख्य फीचर की बात करें तो यह रीयल टाइम ADS‐B सिग्नल को कैच करता है जो रडार से भी तेज है। इस ऐप में आपको AR व्यू मिलता है जो आपके स्मार्टफोन के कैमरे का इस्तेमाल करके प्लेन्स को आइडेन्टिफाई कर सकता है।
Flightradar24 यह कॉफी मात्रा में उपयोग में लाये जाने वाला ऐप है इसे लगभग 140 देशों में इस्तेमाल लिए जा रहा है। इस ऐप की मदद से आप अपने स्मार्टफोन को एक एयर ट्रैफिक रडार के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें आपको दुनियाभर के फ्लाइट्स के रीयल टाइम डिटेल्ड मैप्स मिलेंगे।
Dino On My Desk AR
इस ऑग्मेंटेड रियलिटी पर आधारित गेम की मदद से आप वर्चुअल ईमेज को देख सकते हैं। इस गेमिंग ऐप की मदद से आप लुप्त हो चुके डायनासोर के बारे में अध्ययन भी कर सकते हैं।
Star Chart
Star Chart ऐप की मदद से आप AR की मदद से खगोलीय घटनाओं और सोलर सिस्टम का अध्ययन कर सकते हैं। यह ऐप आपको स्टार्स, कॉन्स्टेलेशन्स, मिटिओर शॉवर्स, कॉमेट और सोलर सिस्टम के प्लेनेट्स का 3D व्यू दिखाता है। इस ऐप में आपको 1 लाख से भी ज्यादा स्टार्स, नार्दन और साउदर्न हेमिस्पेयर का डाटा बेस दिया गया है।

बुढ़ापे का सहारा बनेगा मोबाइल ऐप 2020

बुढ़ापे का सहारा बनेगा मोबाइल ऐप 2020
अर्तराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ नागरिको की सुरक्षा एवं सहायता के लिए बनाए गए मोबाइल ऐप का शुभारम्भ किया। यह ऐप सूचना एवं प्रोद्यौगिकी विभाग तथा हेल्पएज इण्डिया के सहयोग से बनाया गया है।
सिंह ने इस अवसर पर उपस्थित वृद्धजन एवं अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस ऐप से वरिष्ठ नागरिक आपातकालिन परिस्थितियों में मदद ले सकेगें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बदली आर्थिक सामाजिक परिस्थितियों में यह ऐप बुजुर्गों के लिए अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होगा। इस ऐप को डाउनलोड कर रजिस्टेशन करने के कार्य में स्थानीय बीट कांस्टेबल की मदद उपलब्ध रहेगी।
सिंह ने इस ऐप में डीओआईटी तथा हेल्पएज इण्डिया को इस ऐप में दर्ज तथ्यों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐप में दर्ज सूचनाओं के आधार पर स्थानीय थानों को तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है। ऐप में वृद्धजन संदेश, ओडिया या वीडीयो के माध्यम से आवश्यक सूचना दे सकते है।
इस ऐप का उपयोग पुलिस आयुक्तालय, जयपुर की ओर से प्रायोगिक तौर पर किया जा रहा था। इसके सफलतापूर्वक संचालन एवं विभिन्न उपयोगिता को देखते हुए सम्पूर्ण राजस्थान में इसका प्रसार किया जा रहा है। इस ऐप के द्वारा सीनियर सिटीजन एक ही कॉल पर लीगल, पेंशन, वृद्धाश्रम, डे केयर सेन्टर आदि के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त कर सकेगें। और किसी भी अपराध के सम्बन्ध में शिकायतें दर्ज करवा सकेंगे।
अतिरिक्त महानिदेशक आरएसी जंगा श्रीनिवास राव ने बताया कि हैल्पऐज इण्डिया के सहयोग से इस ऐप का संचालन किया जाएगा।
जेरियाट्रिक विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रसुन चटर्जी ने कहा कि अभी एक वृद्धाश्रम के 50 बुजुर्गो को गोद ले रहे हैं। जरूरतमंद बुजुर्गो को हर महीने दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। धीरे-धीरे इस अभियान में और बुजुर्गो को जोड़ा जाएगा। कॉलोनियों में भी ऐसे लोग होते हैं जिन्हें आर्थिक तंगी के कारण बुढ़ापे में परिवार से ज्यादा सहारा नहीं मिल पाता। इस वजह से वे दवाएं भी नहीं खरीद पाते। यह देखा गया है कि बुजुर्ग एक दूसरे के सबसे बड़े मददगार होते हैं। इसलिए बुढ़ापे में कोई व्यक्ति आर्थिक तंगी के कारण दवा नहीं ले पा रहा हो तो उसके आसपास रहने वाले बुजुर्ग जेरियाट्रिक विभाग या हेल्दी एजिंग इंडिया को उसकी सूचना दे सकते हैं। ताकि उन्हें दवा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि बुजुर्गो के स्वास्थ्य के लिए विभाग ने कई कदम उठाए हैं। दिल्ली के अलावा दूसरे राज्यों के शहरों में भी स्वास्थ्य शिविर लगाकर उनके स्वास्थ्य की जांच की जाती है। जो बीमार पाए जाते हैं उन्हें एम्स लाकर इलाज किया जाता है। इस क्रम में ही बुजुर्गो को गोद लेने की पहल की गई है।

बुजुर्गो की मदद के लिए शुरू होगी मोबाइल वैन

जेरियाट्रिक मेडिसिन विभाग की टीम 50 वृद्धाश्रमों में दौरा कर चुकी है। डॉ. प्रसुन ने कहा कि यह देखा गया है कि वृद्धाश्रमों में बुजुर्गो के स्वास्थ्य के लिहाजा से स्थिति बहुत खराब है। इसलिए एक मोबाइल वैन की शुरुआत की जाएगी। उस वैन से डॉक्टरों की टीम वृद्धाश्रम जाकर बुजुर्गो के स्वास्थ्य का जांच करेगी और दवाएं उपलब्ध कराएगी।

फेसबुक ने खुद दी जानकारी, यूजर्स का डाटा जुटा रहे थे 100 ऐप 2020

फेसबुक ने खुद दी जानकारी, यूजर्स का डाटा जुटा रहे थे 100 ऐप 2020
सोशल मीडिया दिग्गज कंपनी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। फेसबुक के खिलाफ यूजर्स की निजता के उल्लंघन और डाटा चोरी के कई मामले सामने आ चुके हैं। इस बार फेसबुक ने खुद ही बुधवार को यूजर्स के डाटा चोरी होने की खबर दी है, जो चिंताजनक है। कंपनी के ब्लॉग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2018 में अपने नियमों में बदलाव करने के बाद से करीब 100 ऐप डेवलपर्स ने कई महीनों तक फेसबुक यूजर्स का निजी डाटा इकट्ठा किया। बताया जा रहा है कि इनमें से ज्यादातर ऐप वीडियो स्ट्रीमिंग या सोशल मीडिया मैनेजमेंट से जुड़े हुए हैं। हालांकि, फेसबुक ने इन डाटा चोरी करने वाली कंपनियों के नाम जाहिर नहीं किए हैं।
लिहाजा, ऐहतियातन कदम उठाते हुए कंपनी की ओर से ऐप डेवलपर्स को डाटा डिलीट करने का निर्देश दिया गया है। इसे सुनिश्चित कराने के लिए कंपनी ऑडिट भी करेगी।
फेसबुक के ग्रुप एडमिनिस्ट्रेटर्स थर्ड पार्टी टूल्स का इस्तेमाल करके अपने ग्रुप को संचालित कर सकते हैं, जिससे एप्स को उसमें होने वाली गतिविधियों की जानकारी मिलती है। बताया जा रहा है कि इन एप्स को सोशल मीडिया साइटों पर ग्रुप चलाने वाले एडमिन की सहूलियत के लिए डिजाइन किया गया था, ताकि ग्रुप के सदस्य आसानी से वीडियो आदि शेयर कर पाएं।
कंपनी ने कहा कि ऐसा तब हुआ, जब फेसबुक ने पिछले साल अपने ग्रुप सिस्टम को बंद कर दिया था। कंपनी ने इनमें से 11 ऐप की पुष्टि की है, जिनके जरिए बीते 60 दिनों में यूजर्स के नाम, प्रोफाइल पिक्चर और ग्रुप में उनके क्रियाकलापों से संबंधित जानकारियां जमा की गई थीं। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस मामले में अब तक निजता उल्लंघन या डाटा चोरी का सबूत नहीं मिला है।
फेसबुक के प्लेटफॉर्म पार्टनरशिप विभाग के निदेशक कांस्टेनटिनो पापमिल्डिटस ने कहा कि हम यूजर्स के डाटा की सुरक्षा को लेकर सजग हैं। इस दिशा में सुधार के प्रत्येक प्रयास किए जा रहे हैं। ब्रिटेन स्थित कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा 8.7 करोड़ यूजर्स का डाटा चोरी करने के मामले में फेसबुक पहले ही गंभीर आरोपों का सामना कर रहा है। फेडरल ट्रेड कमीशन ने इस मामले में कंपनी पर पांच अरब डॉलर (करीब 35 हजार करोड़ रुपए) का जुर्माना भी लगा चुकी है।

शिक्षकों को मिली ई.विद्यावाहिनी ऐप की जानकारी 2020

शिक्षकों को मिली ई.विद्यावाहिनी ऐप की जानकारी 2020
कन्या मध्य विद्यालय मेहरमा में सोमवार को ई.विद्यावाहिनी ऐप के दूसरे चरण का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें सभी विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों को बीपीओ कुणाल कुमार एवं सीआरपी विजय कुमार सिंह के द्वारा बारी -बारी से प्रशिक्षण दिया गया। प्रथम चरण में वर्ग 1 से 5 तक के प्रधानाध्यापकों को जबकि द्वितीय चरण में छह से आठ तक के प्रधानाध्यापकों को ई विद्या वाहिनी ऐप की विस्तृत जानकारी दी गई।
बैठक में यह भी बताया गया कि ई. विद्या वाहिनी के माध्यम से विद्यालय स्तर पर सभी संचालित कार्यो का निष्पादन करना है । इसमें मध्याह्न भोजन, प्रमाणीकरण, एलटी ऐप, शिक्षकों की उपस्थिति ,छात्रों की उपस्थिति इत्यादि शामिल हैं। सभी प्रधान शिक्षकों को अपने ई- विद्या वाहिनी अपलोड कर इसे हर हाल में प्रत्येक दिन विद्यालय में संचालित कार्यो की जानकारी समयानुसार देने की बात बताई गई। जहां उपस्थित प्रधान शिक्षकों को ई विद्यावाहिनी से संबंधित किसी भी प्रकार परेशानी होने पर प्रशिक्षक से संपर्क करने की सलाह दी गयी। इसके अलावा कई अन्य बिदुओं पर भी चर्चा की गयी। प्रशिक्षण में अनवारुल हक , धीरज सिंह तोमर, सुनील कुमार झा, तपेश्वर देव, मुफीजूद्दीन, श्यामा कांत सिंह, हितेश कुमार, प्रमोद कुमार मिश्र, रजनीश आनंद, मोहम्मद लुकमान अंसारी ,अभय कुमार सिंह ,देवकांत भगत, अभिलाषा कुमारी सहित अन्य विद्यालयों के प्रधान शिक्षक उपस्थित थे।
बोआरीजोर :-बोआरीजोर प्रखंड संकुल संसाधन केंद्र में राज्य परियोजना के निर्देशानुसार सोमवार को प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी मुकुंद मरांडी की अध्यक्षता में प्रधानाध्यापक ,प्रभारी प्रधानाध्यापक, बी आर पी ,सी आर पी को ई विद्यावाहिनी एप के 2.0 भरसन का एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया । प्रशिक्षक बी पी ओ रमेश सिंह ने बताया कि ई बिद्या वाहिनी एप्प को नया किया गया है। इसमें बिद्यालय स्तर के सभी कार्यो का रिपोर्ट देना है जिसमे शिक्षक उपस्थिति, छात्रों की उपस्थिति ,मध्याह्न भोजन का डेटा ,किसी प्रकार की शिकायत को एप को डॉनलोड कर हर हाल में प्रतिदिन समयानुसार दर्ज करना है। ये ऐप मंगलवार से शुरू किया जाएगा । मौके पर राजीव कलौंजिया ,राजेश मंडल,बबलू मरांडी,उज्ज्वल मिश्रा, सोनामुनि मुर्मू,राजेश कुमार,इस्लाम अंसारी,आदि शिक्षक उपस्थित थे।
संस, पोडै़याहाट : पोडै़याहाट मध्य विद्यालय बालक में सोमवार को ई विद्या वाहिनी द्वितीय चरण का कार्यशाला का आयोजन किया गया । कार्यशाला में सभी स्कूलों के प्रधान शिक्षकों ने भाग लिया । इस अवसर पर विद्या वाहिनी वर्जन 2 जो बिल्कुल नयी ऐप है के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि इसे तीन भागों में बांटा गया है एक में पदाधिकारी जिसमें जिला की शिक्षा अधीक्षक सहित प्रखंड के सभी पदाधिकारी रहेंगे जबकि स्कूल में प्रधानाध्यापक यू डाइस से जुटे रहेंगे और तीसरा वर्ग है टीचर्स का जिसमें सभी टीचर्स यूनिक आई कोड के द्वारा जुटे रहेंगे। प्रतिदिन इस एप माध्यम से रिपोर्ट स्कूल से प्रखंड ,प्रखंड के माध्यम से जिला और जिला के माध्यम से राज्य को मिलता रहेगा। जिला सर्व शिक्षा कार्यालय के विद्या वाहिनी जिला प्रभारी चंदन कुमार ने बताया कि तकनीकी ²ष्टिकोण से विद्यालय को लेस किया जाएगा । प्रत्येक स्कूल स्मार्ट होगा उसी की तैयारी चल रही है। छोटी सी छोटी जानकारी एप के माध्यम से प्रतिदिन देना है । शिक्षकों की उपस्थिति 500 मीटर के अंदर बायोमेट्रिक में बनेगी ।
500 मीटर से बाहर रहने पर बायोमेट्रिक पर उनकी उपस्थिति नहीं बनेगी । आने वाले समय में यह उपस्थिति स्कूल बेसिस पर हो जाएगा उन्होंने बताया कि पहले शिक्षक का रजिस्ट्रेशन जिला से होगा। टीचर रजिस्ट्रेशन में तीन जानकारियां भरना अनिवार्य है । टीचर्स की उपस्थिति बायोमेट्रिक के द्वारा होगा मैनुअल उपस्थिति भी होगा। मैनुअल उपस्थिति एक महीना में सिर्फ 5 बार ही बना सकता है । स्टूडेंट का भी इनरोलमेंट होगा । इस ऐप के माध्यम से स्कूल की छोटी से छोटी जानकारी राज्य तक आसानी से पहुंच जाएगी और आने वाले समय में ना सिर्फ शिक्षकों की उपस्थिति, बल्कि छात्र की उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर भी यह मील का पत्थर साबित होगा। कार्यशाला को प्रशिक्षक मरियम सोरेन, दिवाकर पंडित ने शिक्षकों को इस विषय में बताया जबकि मौके पर बीईओ दिलीप मांझी प्रभाकर कुमार प्रभारी एपीओ कामीशीला हेंब्रोम, रंजन कुमार ,बीपीओ दिलीप भगत अमित टुडू, किरण हांसदा आदि उपस्थित थे।

प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए काम का Healthy Pregnancy ऐप, कई समस्याओं उपयोगी 2020

प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए काम का Healthy Pregnancy ऐप, कई समस्याओं उपयोगी 2020
देश भर से 70 स्त्री रोग विशेषज्ञों और अन्य हेल्थकेयर लीडर्स की मौजूदगी में आध्यात्मिक लीडर बी के सिस्टर शिवानी ने आइमम्ज ऐप को किया लॉन्च।
एक मां अपने गर्भ में एक जीवन का पालन-पोषण करती है। यह सिर्फ उसका शारीरिक स्वास्थ्य नहीं है, जो भ्रूण के विकास को प्रभावित करता है, बल्कि उसकी मानसिक रूपरेखा और भावनाओं की स्थिति भी बच्चे के मस्तिष्क की वास्तुकला और आईक्यू को बहुत प्रभावित करती है।
प्रेग्नेंट महिलाओं (pregnancy app) की संपूर्ण सेहत को ध्यान में रखते हुए हाल ही में एक नया ऐप (healthy pregnancy app) लॉन्च किया गया है, जिसमें प्रेग्नेंसी से जुड़ी ढेरों जानकारी उपलब्ध हैं। इस ऐप का नाम है आईमम्ज ( iMumz app)।इसे दो आईआईटी स्नातकों, ध्यान प्रशिक्षक और वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा तैयार किया गया है। इस ऐप का उद्देश्य समाज में मातृ स्वास्थ्य (maternal health) के दृष्टिकोण में क्रांति लाने का है। यह मंच गर्भ संस्कार (Gestation ceremony) के वैदिक दर्शन में संलग्न समग्र भलाई पर ध्यान केंद्रित है, जो एक गर्भधारित मां के लिए शारीरिक, भावनात्मक, सामाजिक, आध्यात्मिक और बौद्धिक कल्याण की आवश्यकता की दृढ़ता से वकालत करता है।
इस अवसर पर आईमम्ज के सह संस्थापक एवं सीईओ रवि तेजा आकोंडी ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा मातृ मृत्यु दर को कम करने और शारीरिक रूप से स्वस्थ बच्चों को जन्म देने के लिए एक बहुत अच्छा काम करती है, लेकिन मानसिक रूप से स्वस्थ और जीवनशैली के लिए सही दृष्टिकोण के बारे में हर व्यक्ति को शिक्षित करने के लिए जरूरत से ज्यादा समय की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा दुर्भाग्य से, लगभग 15 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं की जिंदगी गर्भावस्था के दौरान खतरे में आ जाती है, जबकि 70 प्रतिशत से अधिक को हल्की सी गंभीर एंग्जाइटी का सामना करना पड़ता है।आइमम्ज (iMumz app) का उद्देश्य माताओं की उम्मीद का एक निरंतर साथी बनकर और उन्हें मातृत्व स्वास्थ्य के लिए सही तरीके से कोचिंग देकर इसे बदलना है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को देशभर के स्त्री रोग विशेषज्ञों का अपार समर्थन मिला है, जो सक्रिय रूप से अपने रोगियों को इसकी सलाह दे रहे हैं।
गर्भावस्था एक शारीरिक प्रक्रिया है और मां का दिमाग बच्चे के विकास में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। वास्तव में, मां की भावनाओं की स्थिति बच्चे के आईक्यू पर 51 प्रतिशत तक प्रभाव डाल सकती है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि एक मां के मस्तिष्क द्वारा जारी किए गए न्यूरोपैप्टाइड्स के माध्यम से बच्चे अपनी भावनाओं को सही ढंग से समझ सकते हैं और यह बच्चे के मस्तिष्क आर्किटेक्चर को गहराई से प्रभावित करता है। गतिविधि-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य इस जागरूकता को माताओं की आशाओं के एक व्यापक हिस्से तक ले जाना और उन्हें मानसिक रूप से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में मदद करना है।
आइमम्ज ऐप महिलाओं को माइंडफुलनेस और मानसिक व्यायाम का अभ्यास करने के लिए गतिविधियों की एक श्रृंखला से जोड़े रखता है, जो उन्हें चिंता को नियंत्रित करने, सकारात्मक भावनाओं का अनुभव करने और हर रोज अपने दिमाग को उत्तेजित करने में मदद करता है। इसमें मस्तिष्क को बढ़ावा देने वाले व्यायाम शामिल हैं, जो बच्चे के मानसिक विकास को प्रोत्साहित करते हैं, आराम करने और चिंता या एंग्जाइटी को नियंत्रित करने के लिए संगीत चिकित्सा और बच्चे की जागरूकता और बुद्धि को बेहतर (आईक्यू) बनाने वाली रचनात्मक गतिविधियों को नियंत्रित करते हैं।

अरविंद केजरीवाल ने लॉन्च किया AK ऐप 2020

अरविंद केजरीवाल ने लॉन्च किया AK ऐप 2020
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चुनाव से पहले ‘एके ऐप’ लॉन्च किया है. इस ऐप के माध्यम से आम आदमी पार्टी(AAP) सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचेगी. केजरीवाल सरकार के सभी इवेंट्स को इस ऐप के जरिए देखा जा सकेगा. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि इस ऐप की मदद से शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सीसीटीवी और सड़क की जानकारी देश-दुनिया तक पहुंचेगी.
अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘आज एके-ऐप लॉन्च करने की खुशी है. आम आदमी पार्टी(AAP) देश की नई पार्टी है, जो युवाओं की पार्टी है. अन्ना आंदोलन से ही सबसे ज्यादा तकनीक और सोशल मीडिया का इस्तेमाल AAP करती आई है. इस ऐप से पार्टी और सरकार की खबरें देश-विदेश में लोगों को मिल सकेंगी.’
दुनिया तक पहुंचेगी बात
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस ऐप पर दिल्ली सरकार के सभी इवेंट्स लाइव देखे जा सकेंगे. शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सीसीटीवी, सड़क को लेकर हुए काम की जानकारी देश और दुनिया तक इस ऐप की मदद से पहुंचेगी.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कई बार हमारे बारे में झूठी खबर फैलाई जाती हैं और हमें अपनी बात रखने का मौका नहीं मिलता. ‘Truth vs Propaganda’ का ऑप्शन होगा इस ऐप में जहां झूठी खबर का सच तत्काल साझा किया जाएगा . अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस ऐप की मदद से मैं ख़ुद लोगों से बात करूंगा.
हर ऐप मोदी से जुड़ा नहीं
आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया रणनीतिकार ने अंकित लाल ने कहा कि इस ऐप में यह सुविधा है कि कोई भी वालंटियर इस ऐप से जुड़ सकता है और पूरे ऐप से संबंधित जानकारियां ले सकता है. इस ऐप के माध्यम में पार्टी और सरकार के बारे में सारी जानकारी मिल सकेगी. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गूगल स्टोर पर कई ऐप हैं. यह अनिवार्य नहीं है कि सभी मोदी से जुड़े हों. कई लोगों ने इसकी कोशिश की, जिसके बाद हमने लॉन्चिंग के बारे में सोचा.
अरविंद केजरीवाल ने एप से जुड़ने के 3 तरीके भी बताए
– 9871 010101 पर मिस कॉल करने पर फोन पर एक लिंक आएगा, उस लिंक के माध्यम से एप डाउनलोड कर सकते हैं.
– अरविंद केजरीवाल की वेबसाइट arvindkejriwal.in के माध्यम से इस एप को डाउनलोड कर सकते हैं.
– अपने फोन के प्ले स्टोर पर जाकर एप डाउनलोड कर सकते हैं.
दिल्ली विधानसभा चुनावों के एलान में अब कुछ वक्त ही बाकी है ऐसे में अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी एक्शन मोड में है और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक अपनी सरकार के कामों को पहुंचाने की हर कोशिश कर रही है.
घर बैठे सारी खबरें
केजरीवाल ने कहा इसी सोशल प्लैटफॉर्म को आगे बढ़ाने की दिशा में इस ऐप का निर्माण किया गया है। अब किसी भी व्यक्ति को घर बैठे सारी खबरें इस ऐप के माध्यम से मिल सकती हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी और सरकार के सभी कार्यक्रमों को इस ऐप के माध्यम से घर बैठे लाइव देखा जा सकेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस ऐप के माध्यम से अब दिल्ली के अंदर जो भी विकास के काम हो रहे हैं उनसे जुड़ी ऐसी सभी खबरें, सभी विडियो और फोटोग्राफ अब इस ऐप के माध्यम से देखने, पढ़ने और सुनने को मिलेंगे।
‘जनता तक अपना पक्ष पहुंचाया जाएगा’मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि कई बार आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार के खिलाफ झूठा प्रचार किया जाता है और उसकी सफाई में पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया जाता। अब इस ऐप के माध्यम से इस प्रकार के सभी झूठ प्रचार के खिलाफ जनता तक अपना पक्ष पहुंचाया जाएगा।