Wednesday, November 27, 2019

बुढ़ापे का सहारा बनेगा मोबाइल ऐप 2020

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अर्तराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ नागरिको की सुरक्षा एवं सहायता के लिए बनाए गए मोबाइल ऐप का शुभारम्भ किया। यह ऐप सूचना एवं प्रोद्यौगिकी विभाग तथा हेल्पएज इण्डिया के सहयोग से बनाया गया है।
सिंह ने इस अवसर पर उपस्थित वृद्धजन एवं अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस ऐप से वरिष्ठ नागरिक आपातकालिन परिस्थितियों में मदद ले सकेगें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बदली आर्थिक सामाजिक परिस्थितियों में यह ऐप बुजुर्गों के लिए अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होगा। इस ऐप को डाउनलोड कर रजिस्टेशन करने के कार्य में स्थानीय बीट कांस्टेबल की मदद उपलब्ध रहेगी।
सिंह ने इस ऐप में डीओआईटी तथा हेल्पएज इण्डिया को इस ऐप में दर्ज तथ्यों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐप में दर्ज सूचनाओं के आधार पर स्थानीय थानों को तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है। ऐप में वृद्धजन संदेश, ओडिया या वीडीयो के माध्यम से आवश्यक सूचना दे सकते है।
इस ऐप का उपयोग पुलिस आयुक्तालय, जयपुर की ओर से प्रायोगिक तौर पर किया जा रहा था। इसके सफलतापूर्वक संचालन एवं विभिन्न उपयोगिता को देखते हुए सम्पूर्ण राजस्थान में इसका प्रसार किया जा रहा है। इस ऐप के द्वारा सीनियर सिटीजन एक ही कॉल पर लीगल, पेंशन, वृद्धाश्रम, डे केयर सेन्टर आदि के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त कर सकेगें। और किसी भी अपराध के सम्बन्ध में शिकायतें दर्ज करवा सकेंगे।
अतिरिक्त महानिदेशक आरएसी जंगा श्रीनिवास राव ने बताया कि हैल्पऐज इण्डिया के सहयोग से इस ऐप का संचालन किया जाएगा।
जेरियाट्रिक विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रसुन चटर्जी ने कहा कि अभी एक वृद्धाश्रम के 50 बुजुर्गो को गोद ले रहे हैं। जरूरतमंद बुजुर्गो को हर महीने दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। धीरे-धीरे इस अभियान में और बुजुर्गो को जोड़ा जाएगा। कॉलोनियों में भी ऐसे लोग होते हैं जिन्हें आर्थिक तंगी के कारण बुढ़ापे में परिवार से ज्यादा सहारा नहीं मिल पाता। इस वजह से वे दवाएं भी नहीं खरीद पाते। यह देखा गया है कि बुजुर्ग एक दूसरे के सबसे बड़े मददगार होते हैं। इसलिए बुढ़ापे में कोई व्यक्ति आर्थिक तंगी के कारण दवा नहीं ले पा रहा हो तो उसके आसपास रहने वाले बुजुर्ग जेरियाट्रिक विभाग या हेल्दी एजिंग इंडिया को उसकी सूचना दे सकते हैं। ताकि उन्हें दवा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि बुजुर्गो के स्वास्थ्य के लिए विभाग ने कई कदम उठाए हैं। दिल्ली के अलावा दूसरे राज्यों के शहरों में भी स्वास्थ्य शिविर लगाकर उनके स्वास्थ्य की जांच की जाती है। जो बीमार पाए जाते हैं उन्हें एम्स लाकर इलाज किया जाता है। इस क्रम में ही बुजुर्गो को गोद लेने की पहल की गई है।

बुजुर्गो की मदद के लिए शुरू होगी मोबाइल वैन

जेरियाट्रिक मेडिसिन विभाग की टीम 50 वृद्धाश्रमों में दौरा कर चुकी है। डॉ. प्रसुन ने कहा कि यह देखा गया है कि वृद्धाश्रमों में बुजुर्गो के स्वास्थ्य के लिहाजा से स्थिति बहुत खराब है। इसलिए एक मोबाइल वैन की शुरुआत की जाएगी। उस वैन से डॉक्टरों की टीम वृद्धाश्रम जाकर बुजुर्गो के स्वास्थ्य का जांच करेगी और दवाएं उपलब्ध कराएगी।
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