Wednesday, November 27, 2019

गूगल मेप के सहारे लुटि बैंक जाने पूरा न्यूज 2020

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गूगल मेप से बैंकों की जानकारी निकाल रैकी कर लूट करने वाले बाइक सवार एक आरोपी को गोविंदपुरा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जबकि उसके साथ साथी फरार है, पुलिस उनकी तलाश में हैं। तीनों आरोपियों ने बैंक से पैसे लेकर निकली महिला का पीछा कर रुपए छीने और एमपीईवी के लाइनमैन से एक लाख रुपए छीने थे।
टीआई अशोक सिंह परिहार ने बताया कि बिहार निवासी 55 वर्षीय कमल सिंह मेवाड़ा से 25 सितंबर को एक बदमाश एक लाख रुपए से भरा बैग छीनकर भाग गया था। कमल एमपीईबी में लाइनमैन है। मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों का मिलान किया। एक में आरोपियों की बाइक का नंबर एमपी 48 एमजे 4914 दिखा। इस पर पुलिस ने जहांगीराबाद निवासी विकास पाल (28) को गिफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अनूपपुर निवासी सुमित कंजर और संजय कंजर के साथ उक्त वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी सुमित व संजय निवासी भोलागढ अनूपपुर शहडोल की तलाश में एक टीम रवाना की गई है।

पुलिस ने दर्ज की थी चोरी की रिपोर्ट

आरोपी विकास पाल ने बताया कि वह गूगल मेप से बैंकों की रैकी करता था। 24 सितंबर को रैकी करते हुए तीनों महावीर नगर अरेरा कालोनी स्थित एसबीआई बैंक पहुंचे। बैंक से एक महिला एवं उसका लडक़ा एक लाख रुपए लेकर आटो में बैठे। उनका पीछा कर आरोपियों ने पर्स छीन लिया था। हालांकि पुलिस ने वारदात को चोरी बताया। पुलिस ने आरोपी से 18 हजार रुपए बरामद कर बाइक जब्त कर ली है। शेष रकम उसके साथी लेकर फरार हो गए थे।

बैंक में गिरवी रखे फ्लैट का सौदा कर उधार लिए 10 लाख

भोपाल में एक दंपती ने बिजनेस के लिए सीमेंट की जाली बनाने वाले कारोबारी से 10 लाख रुपए उधार लिए। इसके एवज में 18 लाख रुपए में फ्लैट का सौदा किया। छह माह बाद जब कारोबारी ने फ्लैट की रजिस्ट्री कराने को कहा तो दंपती ने बताया कि यह बैंक में गिरवी है। कारोबारी ने इसकी शिकायत एमपी नगर थाना और आला-अफसरों से की। जांच के बाद पुलिस ने दंपती के पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है। एसआई राजेन्द्र यादव ने बताया कि आर-41 एमपी नगर जोन-1 निवासी योगेश सूद (45) का सीमेंट की जाली बनाने का कारोबार है।
वर्ष 2014 में उनकी ग्रीन पार्क कॉलोनी आर्चित अपार्टमेंट निवासी विनिता और उसके पति दीपक चावला से मुलाकात हुई। विनिता और दीपक ने बिजनेस के नाम पर योगेश से 10 लाख रुपए उधार लिए थे। इसके बदले में दंपती ने योगेश से फ्लैट का सौदा कर 18 लाख रुपए में कर लिया।
तय समय पर जब दंपती ने रुपए नहीं दिए, तो योगेश ने फ्लैट की रजिस्ट्री करने को कहा। इस पर दंपती ने कहा कि फ्लैट पर लोन है, छह माह में चुक जाएगा। छह माह बाद जब योगेश ने रजिस्ट्री करने व रुपए वापस मांगे तो दोनों अनाकानी करने लगे। योगेश नेइसकी शिकायत आला-अफसरों से की थी। जांच के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है। दंपती को कोर्ट से जमानत मिल गई।
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